स्याही चित्र
ब्रश रख देने के बाद भी स्याही बहती रहती है। सींग छींटे हैं। चोगा एक चौड़ी लकीर है। ज़ंजीर टपकती स्याही के अंत में कड़ियाँ बनती है। दाईं ओर एक चीड़ छोटा है। चाँद टूटा है। दो लाल मुहरें खाली जगह में दबी हैं। मुहरों का पाठ दबने के बाद से धुँधला है, और मिटने वाला है। इतना सफ़ेद छूटा है कि कुछ लिखा ही नहीं लगता। उस सफ़ेद के बीच में, आपके घुटनों का आकार पहले से गीला है।
- मूर्ख
- जादूगर
- उच्च पुजारिन
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- चंद्रमा
- सूर्य
- निर्णय
- विश्व





















