रथ के ऊपर की छतरी आश्रय और आदेश की फुसफुसाहट है, गति की दिशा का सिला प्रमाण। नीचे दो जीव तैयार हैं। न एक जैसे, न जंगली, बल्कि जोड़ी की लगाम से जुड़े साथी। वे नगर के प्राचीन द्वार के सामने प्रतीक्षा करते हैं, पत्थर के प्रहरी जिनमें हज़ार प्रस्थान और आगमन के निशान खुदे हैं। सारथी बैठा नहीं, खड़ा है। शरीर गाड़ी की नीची रेलिंग से सधा है, चोगा सुबह की हवा के खिलाफ समेटा हुआ, जैसे नींद की धूल अभी झाड़ी हो और अब वह सीमा के पार जाने को तैयार हो।
पुरानी कथाओं में सारथी को समुद्र के कप्तान से जोड़ा जाता है, और जीवों को राजसी नौका के जुड़वाँ अग्रभाग से, जो राज्याभिषेक के दिन टेम्स पर सरकती है। छतरी, एक घर की निशानी से कढ़ी, अभियान के तंबू जितनी मज़बूत, लंदन के ढके बाज़ारों की याद दिलाती है, जहाँ मछली बेचने वाले और जिल्दसाज़ कपड़े की छत के नीचे जुटते हैं, और हर सुबह नगर पत्थर पर गाड़ी के पहियों की खटखट से जागता है। द्वार किसी प्राचीन राजधानी का हो सकता है, जहाँ दूत मोम से मुहरबंद स्क्रॉल लेकर आते थे। जीव वे वफ़ादार नस्लें हो सकती हैं जो ऐसा बोझ खींचने के लिए पाली गईं। उत्तर की जंगली नदियों जैसे अयाल वाले घोड़े, और माथे पर मुकुट बैठाने वाले हाथों जितने स्थिर बैल।
आगे की गति तब जुड़ती है जब लगाम जोड़ी जाती है और सारथी पकड़ कसता है। रथ नहीं भटकता, क्योंकि उसका रास्ता एक नाली है। पहिए उन लोगों की लीक पर चलते हैं जो पहले आए। लगाम पुराने पाल के कपड़े से कटी हो सकती है, नौसैनिक वर्दी के रंग में रंगी, नदी पर पुल बनाने या आँधी में पाल थामने जितनी सख्त। आदेश और यात्रा का कपड़ा, जो कभी केवल बेड़े के रंग पहनने के हक वालों के लिए बनता था, अब यात्रियों के कंधों पर है। उनके कोट चमकती पीतल की बटन से बंद हैं, और जूते दूर बंदरगाहों के नमक से सने हैं।
जब द्वार खुलता है, बारिश के बाद हवा साफ़ होती है। उत्तरी राज्यों में ऐसा मौसम अचानक आता है, जब मूसलाधार छतें धो देता है और पोखर मीनारों और झंडों को लौटाते हैं। दूर महल के आँगन में एक टुकड़ी अभ्यास करती है, उनके ध्वज देर की धूप पकड़ते हैं। हर गति सटीक है, अनुशासन मार्गदर्शकों और विजयों की विरासत से बँधा। रथ चलता है, द्वार से निकलता है, जल्दी से नहीं, उद्देश्य से। सारथी की आँखें सड़क के लुप्त बिंदु पर हैं, जीव कदम मिलाए हैं, हर मांसपेशी खिंचाव से जुड़ी है। हिचकिचाहट नहीं है, केवल इरादे को कर्म से जोड़ने का अनुशासन, जैसे घर की स्त्री सुई को कपड़े से जोड़कर बच्चे के पहली बार देहली लाँघने के लिए पसंदीदा जैकेट सिलती है।
आज आप तूफ़ान के बाद पर्दा हटाकर आकाश देख सकते हैं, या पार्क की सड़क चल सकते हैं जहाँ हवा तीखी है और झंडे वृक्षों की कतार पर लहराते हैं। भारी कागज़ पर स्याही से पत्र लिखें, मोम से मुहर लगाकर संसार में भेजें। पुराने जूतों की पीतल की बकल चमकाएँ, या रसोई की मेज़ पर जैकेट सिलें, यह याद करते हुए कि हर यात्रा लगाम पर हाथ रखने से शुरू होती है।
आज का भाग्य रंग शाही नीला है।
Lucky Color: RoyalBlue — #4169E1आगे की गति अनुशासन से मिलती है।
इरादे को स्पष्ट रास्ते से जोड़ें।