न्याय की अदालत में दो तराज़ू एक शहतीर से लटके हैं, हर बाँह संतुलन की अपेक्षा के साथ ऊँची। एक ओर एक पंख, दूसरी ओर एक पत्थर। पर आज एक पक्ष भारी झुका है, दूसरा प्रतीक्षा में छूटा। बेंच के पीछे कुर्सी खाली बैठी है, उसकी तराशी पीठ एक बिना सूरज की खिड़की की ओर। तौलने की रस्म जारी है, पर बात का दिल ग़ायब है, और कमरा उस ख़ामोशी से भरा है जो फ़ैसले के टलने के बाद आती है।
बाहर हवा लोहे और पुरानी मिट्टी की गंध लाती है। जंगल की गहराई में एक लोहार की याद है, जहाँ एक बार एक नीची पत्थर की कुटिया में भट्ठी चमकती थी। भट्ठी का दरवाज़ा खुला जम्हाई लेता है, अंगारे ठंडे, चिमटे दीवार पर बिना उपयोग लटके। वहाँ, अतीत में, खुरदरे हाथ अंगारों से धारें खींचते थे, उनकी सतहें नाचती छायाएँ पकड़तीं। उस ख़ामोशी में कार्यमेज़ पर एक अनार फटा, बीज लकड़ी के रेशे पर बिखरे। हर बीज एक मुहरबंद वादा है, एक अदा न किया क़र्ज़, उनका रस उँगलियों और लकड़ी दोनों को रंगता। मिथक में पर्सेफ़ोन का सौदा ऐसे ही बीजों से टूटा, उसकी अनुपस्थिति ने ऋतुओं की व्यवस्था झुका दी और दुनिया को वृद्धि और मुरझाने के बीच एक विराम में छोड़ दिया।
और पश्चिम में, एक पुराने शहर में, परिषद कक्ष में मख़मल का पर्दा खींचा है, गलियारे की लालटेन की रोशनी रोकता हुआ। उसके पीछे क़ानूनी ग्रंथों की अलमारियाँ अबाधित विश्राम करती हैं। मेज़ पर क्लर्क की दवात सूखी है, क़लम अलग रखी। एक पत्र की मोम की मुहर, मुहर की अंगूठी से जल्दी में ठप्पा लगी, अव्यवस्था के बीच अटूट बैठी है। भीतर का संदेश उन आँखों की प्रतीक्षा करता है जो मुड़ गईं, एक हाथ की जो उसे खोले और तराज़ू को फिर गति की ओर झुकाए।
देहात में, भारी आकाश के नीचे, जंगली नागफनी की बाड़ के देर पतझड़ के पत्ते अपनी शाखाओं से ज़िद से चिपके हैं। पहली पाला आ चुकी और जा चुकी, पर पत्ते टिके हैं, गहरे और चमड़े जैसे, अपने तीखे काँटे छिपाए। सदियों से यात्री इन डालियों के नीचे अनदेखे आत्माओं से निष्पक्ष फ़ैसले की आशा में भेंट छोड़ते आए हैं। अब प्रतीक अछूते पड़े हैं। मिट्टी में दबा एक सिक्का, कपड़े का एक मोड़ा टुकड़ा, कठोर हुई रोटी की एक परत। गवाह के बिना, राही और पुरानी बाड़ के बीच का समझौता अनसुलझा रह गया है।
घर में चूल्हे पर एक ताँबे का बर्तन बिना देखरेख उबलता है, आग के धीमी मरने के साथ उसकी सामग्री गाढ़ी होती जाती है। विधि एक पूर्वज के हाथ में लिखी है, उसके शब्द एक फीके पृष्ठ पर धीरे लूप बनाते। मसाले की अंतिम चुटकी के अभाव में स्टू अधूरा छूटा है, उसकी सुगंध रसोई भरती है फिर भी जिसकी आशा थी उसका केवल आधा वादा करती है। मेज़ के किनारे काटने की कैंची एक अनार के छिलके और नागफनी की टहनी के पास खुली पड़ी है, छोड़े कामों और उचित व्यवस्था में विराम की याद।
आप एक माचिस जलाकर रसोई की आग फिर जला सकते हैं, ग़ायब स्वाद निकालने के लिए बर्तन चलाते हुए। बंद पत्र को खोजिए, उसकी मुहर तोड़िए, और शाम की धुँधली रोशनी में शब्द पढ़िए। बाड़ तक चलिए और घिसी छाल पर अपनी हथेली धीरे रखिए, समझौते को स्वीकार करते हुए, भले कोई देखने को न हो। कैंची उठाइए, जो काटना ज़रूरी हो उसे काटिए, और बिखरे बीज समेटिए, उन्हें एक मौन प्रतिज्ञा के साथ धरती को लौटाते हुए।
आज का भाग्य रंग गहरा लाल है।
Lucky Color: DarkRed — #8B0000हर काम के साथ एक संतुलन बुलाया जाता है, तब भी जब तराज़ू अपने रखवाले की प्रतीक्षा करें।
न्याय का विराम उसका अंत नहीं। निमंत्रण बना रहता है।